महिलाओं की सुरक्षा, समान अधिकार और घरेलू हिंसा की रोकथाम पर दी गई जानकारी
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में राजधानी पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान "मैं हूँ अभिमन्यु" के अंतर्गत आज राजधानी के दो महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किए गए।
टीटी नगर थाना पुलिस ने मंगलवार को टीटी नगर स्टेडियम में एक प्रेरणादायक मेराथन दौड़ का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं, पुलिस कर्मियों और नागरिकों ने भाग लिया। वहीं, थाना चुना भट्टी क्षेत्र में स्थित नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीच महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा की रोकथाम के विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
🏃♂️ टीटी नगर स्टेडियम में “मैं हूँ अभिमन्यु” मेराथन दौड़
"मैं हूँ अभिमन्यु" अभियान के तहत आयोजित इस मेराथन का उद्देश्य महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के खिलाफ समाज को जागरूक करना और आत्मरक्षा के प्रति सजग बनाना था। मेराथन में युवाओं के साथ पुलिस अधिकारियों और समाजसेवियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
टीटी नगर थाना पुलिस ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज में एक सशक्त संदेश देना है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। मेराथन के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि “मैं हूँ अभिमन्यु” केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक सोच है – जो हर नागरिक में महिलाओं के प्रति सुरक्षा और सम्मान की भावना जागृत करता है।
👩🏫 चुना भट्टी में बालिकाओं और शिक्षकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
अभियान के तहत दूसरा प्रमुख कार्यक्रम थाना चुना भट्टी के अंतर्गत स्थित नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ। इस जागरूकता सत्र में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ को महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं की रोकथाम, समान अधिकारों की महत्ता और घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही यह भी समझाया गया कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
“महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सबसे जरूरी है कि हम खुद जागरूक हों और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। किसी भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए डायल 112 एक त्वरित और प्रभावी माध्यम है, जो हर नागरिक की सुरक्षा के लिए उपलब्ध है।”
उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा से संबंधित सुझाव भी दिए और समझाया कि किसी भी परिस्थिति में भयभीत होने की बजाय साहस और जागरूकता से कार्य करें।
📌 समाज में जागरूकता बढ़ाना ही लक्ष्य
“मैं हूँ अभिमन्यु” अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम, उन्हें कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करना और समाज में लैंगिक समानता का वातावरण बनाना है।
राजधानी पुलिस लगातार विद्यालयों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि युवाओं में सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना विकसित हो सके। पुलिस का मानना है कि कानून के साथ-साथ सामाजिक सहयोग और जागरूकता से ही अपराधों को रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में रही उत्साहपूर्ण सहभागिता
विद्यालय परिसर में आयोजित जागरूकता सत्र में शिक्षकों और छात्राओं ने भी अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका जवाब पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से दिया। इस मौके पर महिला सुरक्षा से जुड़े पंपलेट भी वितरित किए गए और आत्मरक्षा के बुनियादी तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया।
📢 “मैं हूँ अभिमन्यु” अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
ऐसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि एक जागरूक समाज ही महिलाओं और बेटियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर सकता है।




