किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा
आज मध्यप्रदेश के राजगढ़ के मंगल भवन में आयोजित किसान न्याय यात्रा एवं “वोट चोर–गद्दी छोड़” कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल हुए। उन्होंने किसानों पर हुए अन्याय, मतों की चोरी और लोकतंत्र पर हो रहे हमलों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह सहित तमाम वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपना जन्मदिन मनाने धार आए थे। उन्होंने महिलाओं को सशक्त करने की बात तो की, लेकिन प्रदेश में लगातार बढ़ते महिला अपराधों और 3000 रुपये देने के वादे पर एक शब्द तक नहीं बोले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति की चर्चा तो की, मगर मध्यप्रदेश के युवा रोज़गार संकट से जूझ रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को अवसर न देकर बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
सिंघार ने कहा कि किसानों के कल्याण की बात की गई, लेकिन सच्चाई यह है कि किसानों को खाद नहीं मिल रही, सोयाबीन के उचित दाम नहीं मिल रहे और उन्हें लाठियां खानी पड़ रही हैं, इस पर प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध ली। गरीब कल्याण की बातें जरूर की गईं, लेकिन बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने का कोई संकल्प नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, "जो नेता लाड़ली बहनों को 3000 रुपये देने की बात करते थे, वे आज भी 1200 रुपये पर अटके हुए हैं। अगर यह अन्याय नहीं है तो और क्या है?"
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बजट भाषण में भाजपा सरकार के मंत्री अपनी योजनाओं के सही आंकड़े तक नहीं बता पाए। क्या ऐसे मंत्री को आप जिताएंगे?
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा :
• वर्षों तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज कृषि मंत्री रहते हुए भी प्रदेश के किसानों को भूल गए।
• 10 साल मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें योजना बनाने की सुध नहीं लगी, और अब कह रहे हैं - “जिसका खेत, उसकी रेत”।
• कृषि मंत्री शिवराज अपनी बात वर्तमान मुख्यमंत्री से क्यों नहीं मनवा पा रहे?
• मैं फिर कहता हूं, अगर मुख्यमंत्री शिवराज की बात नहीं सुन रहे, तो वे धरना दें - हम भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर उनके साथ धरने में शामिल होंगे।


