राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवने आज मुख्यमंत्री निवास पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का पूजन कर प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं आरोग्यता की मंगलकामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि,
“आयुर्वेद मात्र एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि यह एक सम्पूर्ण जीवनशैली है जो हमें संतुलित, अनुशासित और प्राकृतिक जीवन जीने की प्रेरणा देती है। यह हमारी प्राचीन परंपरा की धरोहर है, जिसे आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनाए जाने की आवश्यकता है।”
डॉ. यादव ने यह भी कहा कि वर्तमान युग में जब आधुनिक जीवनशैली जनित रोग बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है। आयुर्वेद न केवल रोगों के उपचार पर बल देता है, बल्कि रोगों की रोकथाम और प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने की दिशा में भी अत्यंत प्रभावी है।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को भगवान धन्वंतरि के जन्मोत्सव को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य आयुर्वेद को वैज्ञानिक, प्रमाण आधारित और समग्र चिकित्सा पद्धति के रूप में प्रोत्साहन देना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि वे आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाते हुए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाकर अपने जीवन को रोगमुक्त बनाएं।
प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर भी आज के दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविरों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों एवं योग सत्रों का आयोजन कर जनता को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराया गया।
