वित्त पोषण की कार्यवाही मासांत तक पूरी करें - कलेक्टर रौशन कुमार सिंह

 


कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में डीएलसीसी की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई थी। उन्होंने हितग्राहियों मूलक योजनाओं के आवेदनो में वित्त पोषण की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर सिंह ने सभी बैंकर्स प्रतिनिधियांे को सचेत करते हुए कहा कि फरवरी माह के अंत तक लक्ष्यों के अनुसार वित्त पोषण की शत प्रतिशत कार्यवाही पूरी करें। वित्तीय वर्ष का मार्च माह विभिन्न कारणो से विभागो के अधिकारी व बैंकर्स व्यस्थ हो जाते है। अतः इस व्यस्थता में बैठक जैसी दखल से व्यवधान ना हो इसके लिए 28 फरवरी तक तमाम योजनाओं के लक्ष्यों में सौ प्रतिशत वित्तीय पोषण की कार्यवाही करें। जिस बैंक के द्वारा इस कार्य में लापरवाही बरती जाएगी। उनके खिलाफ विभिन्न प्रकार के मामले दर्ज किए जाएंगे और उनके वरिष्ठ कार्यालय को शाखा प्रबंधक की कार्यप्रणाली को रेखांकित करते हुए कठोर कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्रेषित किए जाएंगे।

                कलेक्टर सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति बैंको के बार-बार चक्कर नहीं लगाना चाहता है। बैंकर्स इसे प्रतिष्ठा इशु ना बनाए। बहुत जरूर पड़ती है तो एक ही बार हितग्राही को बुलाकर तमाम जानकारियां पूरी कर ली जाएं। जिससे बैंकर्सो के प्रति हितग्राहियों में विश्वास की वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणो में स्वीकृति प्रदाय की गई है और अब तक वित्त पोषण की कार्यवाही क्यों नहीं की गई कि जानकारियां लीड़ बैंक आफीसर को लिखित में अवगत कराएंगे।

                कलेक्टर सिंह ने विभिन्न प्रकार के बीमा जैसे पीएमजेजेबीवाॅय, पीएमएसबीबाय और पीएमजेडीवाय से कोई भी बैंक खाताधारक वंचित ना रहें। उक्त योजनाओं के तहत बीमा की छोटी सी प्रीमियम राशि स्वयमेव बैंक खाते से काटी जा सकती हैं अतः बीमा की इस योजना से कोई भी वंचित ना रहें। उन्होंने कहा कि जिले में जिन भी हितग्राहियों को योजनाओं के तहत वित्त पोषण की कार्यवाही की जा रही है, पीएम आवास योजना, पात्रतापर्ची धारक, लाड़ली बहना के अलावा अन्य शासकीय योजनाओं से लाभांवित होने वाले सभी हितग्राहियों का बीमा अनिवार्य रूप से हो।

                कलेक्टर सिंह ने सभी बैंकर्सो में बीमा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि स्टेडिंग, फ्लैक्स ऐसे स्थलों पर लगाए जाएं जहां अधिक से अधिक नागरिकांे की आवाजाही होती है।

                कलेक्टर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि बैंको में हितग्राहियो के आवेदनो को जमा करने तक सीमित ना रहें बल्कि उन आवेदनों पर अब तक क्या कार्यवाही बैंको के द्वारा की गई है के अपडेट प्राप्ति हेतु सतत सम्पर्क बनाए रखें।

                कलेक्टर सिंह ने पीएम विश्वकर्मा योजना के कार्यों पर विशेष बल देते हुए क्रियान्वित कार्यों समीक्षा की है। निर्धारित पैरामीटर अनुसार पात्रता रखने वाले कारीगरों को इसका लाभ मिले वह अपना बिजनेस प्रारंभ कर सकें और उसे स्किल कर सकें। इस हेतु योजना में लाभान्वितों को ऋण मुहैया कराया जाएगा। बैठक में उन्होंने आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना, पशुपालन किसान क्रेडिट योजना, भगवान बिरसा मुंडा योजना, टंट्या मामा स्वरोजगार योजना समेत विभिन्न स्वरोजगार हेतु संचालित योजनाओं की समीक्षा की है।

    कलेक्टर सिंह ने पीएमजेजेबीवाय , पीएमएसबीवाय सहित अन्य बीमा योजनाओं की क्रियान्वयन स्थिति का भी जायजा लिया है। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए निर्देश दिए हैं साथ ही इन योजनाओं में हितग्राहियों को प्रतिवर्ष रिन्यूअल के कार्यों के लिए संबंधित बैंकों के बीसी को इस कार्य में संलग्न करने के निर्देश दिए हैं। उक्त बैठक में स्व सहायता समूहो को दिए जाने वाले क्रेडिट लीकेंज (सीसीएल की प्रगति), मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना इत्यादि शामिल है।

                लीड़ बैंक आफीसर बीएस बघेल के द्वारा भारतीय स्टेट बैंक शाखा बरेठ बासौदा का स्थान परिवर्तन कर उदयपुर में शाखा प्रस्तावित करने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है। बैठक में पोर्टल पर दर्ज लंबित आरआरसी, सीएम हेल्पलाइन शिकायतो की भी समीक्षा की गई है।

                कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया, आरबीआई के एलडीओ नवनीत तिवारी, नाबार्ड की जिला प्रबंधक जसप्रीत कौर के अलावा समस्त बैंकर्स प्रतिनिधि व विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी मौजूद रहे।

                बैठक में लीड़ बैंक आफीसर बीएस बघेल के द्वारा पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयो के पालन प्रतिवेदन की जानकारियां भी प्रस्तुत की गई वहीं बैठक में जो भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है उनका बैंकर्स प्रतिनिधि समय सीमा में क्रियान्वित कर बैंक व जिले की ख्याति में वृद्धि करेंगे से आश्वस्त कराया है।


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