जातिगत जनगणना से मिलेगा आदिवासी वर्ग
को पूरा अधिकार और हिस्सेदारी : जीतू पटवारी
आदिवासी लीडरशिप के लिए मोहनखेड़ा में होगा
7 दिवसीय प्रशिक्षण : रामू टेकाम
भाजपा राज में दलित-आदिवासी वर्ग पर अत्याचार बढ़ रहे हैं,
जिसे रोकने एकजुटता से संघर्ष करना होगा : डॉ. विक्रांत भूरिया
प्रशिक्षण कार्यक्रम कांग्रेस और कार्यकर्ता की शक्ति है : राहुल बल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के सभागार में आयोजित आदिवासी कांग्रेस विभाग द्वारा आदिवासी लीडरशिप डेवलपमेंट प्रशिक्षण शिविर एवं साक्षात्कार के लिए आयोजित बैठक में उपस्थित प्रदेश के सभी जिलों से आये आदिवासी वर्ग पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये कहा कि आदिवासी इस देश का मालिक है, जल-जंगल और जमीन पर सबसे पहला अधिकार आदिवासी वर्ग का है। आदिवासी वर्ग के महापुरूषों चाहे वो बिरसा मुंडा हो, टंट्या भील हो या रघुनाथ शाह-शंकरशाह हो या वीरांगना रानी दुर्गावती हो इन सभी ने देश की आजादी में अपना योगदान दिया और आदिवासी वर्ग की रक्षा और सम्मान को अक्षुण्ण बनाये रखने में महती भूमिका का निर्वहन किया।
पटवारी ने कहा कि देश की युवा शक्ति लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जातिगत जनगणना के पक्ष में है, क्योंकि जातिगत जनगणना से हर वर्ग के मध्यम और गरीबों को उसका लाभ मिलेगा। आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक समानता का अवसर मिलेगा। आदिवासियों का और कांग्रेस का और संविधान का प्रकृति का आपस में गहरा रिश्ता है जो हमें जल-जंगल से ही मिला है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण जीवन के लिए हवा और जल है उससे ही हर व्यक्ति को जीवन जीने के लिए आक्सीजन और ऊर्जा मिलती है।
पटवारी ने कहा कि आदिवासी वर्ग के रिक्ल डेढ़ लाख से अधिक बेकलॉग के पदों पर भर्ती नहीं हुई है। आदिवासियों की जमीन मप्र सरकार और इनके नुमाइंदों और सरकार के चापलूस अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आदिवासी वर्ग को कभी बांध के नाम पर कभी सेंचुरी के नाम पर जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। दलितों और आदिवासियों पर भाजपाराज में अत्याचार और अनचार की घटनाएं चरम पर हैं। आदिवासी वर्ग की महिलाओं को गायब किया जा रहा है जो सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से स्पष्ट है। आदिवासी वर्ग के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं, आदिवासी वर्ग के छात्रावास जर्जर अवस्था में हैं, ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा और शिक्षकों का अभाव हैं।
पटवारी ने कहा कि आदिवासी वर्ग इस अत्याचारी सरकार के खिलाफ यदि एकजुट होकर संघर्ष करेगा तो हम उनके इस अत्याचार को समाप्त करने में कामयाब जरूर होंगे। संविधान को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा तभी इस देश में संविधान की रक्षा और उसका सम्मान होगा और आदिवासियों को सम्मान भी बना रहेगा।
मप्र आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम की अध्यक्षता में आयोजित मप्र कांग्रेस आदिवासी विभाग के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक एवं प्रशिक्षण शिविर के लिए हुये साक्षात्कार के दौरान संबोधित करते हुये कहा कि मप्र में धार जिले के मोहनखेड़ा में ‘कार्यकर्ता निर्माण’ 7 दिवसीय आदिवासी लीडरशिप डेपलवमेंट प्रशिक्षण शिविर लगाया जायेगा, जिसमें आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन, संवैधानिक हित और अधिकारों की रक्षा एवं उनके साथ होने वाले शोषण के खिलाफ सत्तारूढ़ दल भाजपा की नाकामियों एवं खोखले वादों, झूठा पेसा एक्ट, जिसका पालन आज तक मप्र की भाजपा सरकार नहीं कर पायी है, वहीं विकास के नाम पर आदिवासियों का विस्थापन न किया जाये आदि मुद्दों पर गंभीरता से परिचर्चा की जायेगी।
टेकाम ने कहा कि आदिवासी लीडरशिप को मजबूत करने के लिए आदिवासी लीडरशिप प्रशिक्षण शिविर अभा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आव्हान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मार्गदर्शन में आदिवासी कांग्रेस द्वारा देश और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश के मोहनखेड़ा में आयोजित किया जायेगा। इस प्रशिक्षण शिविर में 89 आदिवासी विकासखंड एवं अन्य आदिवासी बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों से आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ता और आदिवासी वर्ग से जुड़े जनप्रतिनिधि, महिलाएं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।
विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि मोहनखेड़ा में आयोजित होने वाले आदिवासी प्रशिक्षण शिविर में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी सुनिश्चित करें, ताकि आदिवासी वर्ग अपनी रक्षा और सम्मान के प्रति सजग हो सके और आदिवासी वर्ग की रक्षा के लिए उनके जागृति और चेतना पैदा हो सके, तभी आदिवासी वर्ग को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। महिलाओं और युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ना होगा।
अभा कांग्रेस द्वारा नियुक्त प्रशिक्षण प्रभारी राहुल बल ने आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि यह शिविर आपके नेतृत्व को और अधिक मजबूत करने की दिशा में सार्थक होगा। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बिलैया नायक ने कहा कि संविधान को बचाने के लिए आदिवासी वर्ग के हर नागरिक का दायित्व है कि वह संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और उसकी रक्षा के लिए संकल्पि होकर अग्रणी भूमिका निभाये।
बैठक को कांग्रेस नेता महेन्द्र जोशी, जतिन उईके, पोरलाल खरते, पांचीलाल मेढ़ा, चंद्रा सर्वटे ने भी संबोधित किया। संचालन विभाग के उपाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने किया। इस अवसर पर कांग्रेस आदिवासी विभाग के पदाधिकारी और जिला अध्यक्षगण सर्वश्री सुनील स्टार, भग्गो आदिवासी, अशोक डाबर, मुकाम अलावा, डॉ. रमेश काकोडिया, अतुल बाडीवा, विजय उईके, रामनारायण परते, धरमसिंह मरकाम, प्रेमधारी मार्कों, विजय कौल, नारायणसिंह बिंडल, बलराम कर्मा, गोपाल भोसले, पुरूषोत्तम कलम, पंजाब अहाके, अरूण कुमार धुर्वे, शांताराम खरते, भूेरूलाल गामड़, आरती वासरकर, उर्मिता खरते, शकुंतला धुर्वे, चंद्रकला डाबर, कैलाश चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के सभागार में आयोजित आदिवासी कांग्रेस विभाग द्वारा आदिवासी लीडरशिप डेवलपमेंट प्रशिक्षण शिविर एवं साक्षात्कार के लिए आयोजित बैठक में उपस्थित प्रदेश के सभी जिलों से आये आदिवासी वर्ग पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये कहा कि आदिवासी इस देश का मालिक है, जल-जंगल और जमीन पर सबसे पहला अधिकार आदिवासी वर्ग का है। आदिवासी वर्ग के महापुरूषों चाहे वो बिरसा मुंडा हो, टंट्या भील हो या रघुनाथ शाह-शंकरशाह हो या वीरांगना रानी दुर्गावती हो इन सभी ने देश की आजादी में अपना योगदान दिया और आदिवासी वर्ग की रक्षा और सम्मान को अक्षुण्ण बनाये रखने में महती भूमिका का निर्वहन किया।
पटवारी ने कहा कि देश की युवा शक्ति लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जातिगत जनगणना के पक्ष में है, क्योंकि जातिगत जनगणना से हर वर्ग के मध्यम और गरीबों को उसका लाभ मिलेगा। आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक समानता का अवसर मिलेगा। आदिवासियों का और कांग्रेस का और संविधान का प्रकृति का आपस में गहरा रिश्ता है जो हमें जल-जंगल से ही मिला है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण जीवन के लिए हवा और जल है उससे ही हर व्यक्ति को जीवन जीने के लिए आक्सीजन और ऊर्जा मिलती है।
पटवारी ने कहा कि आदिवासी वर्ग के रिक्ल डेढ़ लाख से अधिक बेकलॉग के पदों पर भर्ती नहीं हुई है। आदिवासियों की जमीन मप्र सरकार और इनके नुमाइंदों और सरकार के चापलूस अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आदिवासी वर्ग को कभी बांध के नाम पर कभी सेंचुरी के नाम पर जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। दलितों और आदिवासियों पर भाजपाराज में अत्याचार और अनचार की घटनाएं चरम पर हैं। आदिवासी वर्ग की महिलाओं को गायब किया जा रहा है जो सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से स्पष्ट है। आदिवासी वर्ग के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं, आदिवासी वर्ग के छात्रावास जर्जर अवस्था में हैं, ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा और शिक्षकों का अभाव हैं।
पटवारी ने कहा कि आदिवासी वर्ग इस अत्याचारी सरकार के खिलाफ यदि एकजुट होकर संघर्ष करेगा तो हम उनके इस अत्याचार को समाप्त करने में कामयाब जरूर होंगे। संविधान को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा तभी इस देश में संविधान की रक्षा और उसका सम्मान होगा और आदिवासियों को सम्मान भी बना रहेगा।
मप्र आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम की अध्यक्षता में आयोजित मप्र कांग्रेस आदिवासी विभाग के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक एवं प्रशिक्षण शिविर के लिए हुये साक्षात्कार के दौरान संबोधित करते हुये कहा कि मप्र में धार जिले के मोहनखेड़ा में ‘कार्यकर्ता निर्माण’ 7 दिवसीय आदिवासी लीडरशिप डेपलवमेंट प्रशिक्षण शिविर लगाया जायेगा, जिसमें आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन, संवैधानिक हित और अधिकारों की रक्षा एवं उनके साथ होने वाले शोषण के खिलाफ सत्तारूढ़ दल भाजपा की नाकामियों एवं खोखले वादों, झूठा पेसा एक्ट, जिसका पालन आज तक मप्र की भाजपा सरकार नहीं कर पायी है, वहीं विकास के नाम पर आदिवासियों का विस्थापन न किया जाये आदि मुद्दों पर गंभीरता से परिचर्चा की जायेगी।
टेकाम ने कहा कि आदिवासी लीडरशिप को मजबूत करने के लिए आदिवासी लीडरशिप प्रशिक्षण शिविर अभा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आव्हान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मार्गदर्शन में आदिवासी कांग्रेस द्वारा देश और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश के मोहनखेड़ा में आयोजित किया जायेगा। इस प्रशिक्षण शिविर में 89 आदिवासी विकासखंड एवं अन्य आदिवासी बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों से आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ता और आदिवासी वर्ग से जुड़े जनप्रतिनिधि, महिलाएं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।
विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि मोहनखेड़ा में आयोजित होने वाले आदिवासी प्रशिक्षण शिविर में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी सुनिश्चित करें, ताकि आदिवासी वर्ग अपनी रक्षा और सम्मान के प्रति सजग हो सके और आदिवासी वर्ग की रक्षा के लिए उनके जागृति और चेतना पैदा हो सके, तभी आदिवासी वर्ग को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। महिलाओं और युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ना होगा।
अभा कांग्रेस द्वारा नियुक्त प्रशिक्षण प्रभारी राहुल बल ने आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि यह शिविर आपके नेतृत्व को और अधिक मजबूत करने की दिशा में सार्थक होगा। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बिलैया नायक ने कहा कि संविधान को बचाने के लिए आदिवासी वर्ग के हर नागरिक का दायित्व है कि वह संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और उसकी रक्षा के लिए संकल्पि होकर अग्रणी भूमिका निभाये।
बैठक को कांग्रेस नेता महेन्द्र जोशी, जतिन उईके, पोरलाल खरते, पांचीलाल मेढ़ा, चंद्रा सर्वटे ने भी संबोधित किया। संचालन विभाग के उपाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने किया।
इस अवसर पर कांग्रेस आदिवासी विभाग के पदाधिकारी और जिला अध्यक्षगण सर्वश्री सुनील स्टार, भग्गो आदिवासी, अशोक डाबर, मुकाम अलावा, डॉ. रमेश काकोडिया, अतुल बाडीवा, विजय उईके, रामनारायण परते, धरमसिंह मरकाम, प्रेमधारी मार्कों, विजय कौल, नारायणसिंह बिंडल, बलराम कर्मा, गोपाल भोसले, पुरूषोत्तम कलम, पंजाब अहाके, अरूण कुमार धुर्वे, शांताराम खरते, भूेरूलाल गामड़, आरती वासरकर, उर्मिता खरते, शकुंतला धुर्वे, चंद्रकला डाबर, कैलाश चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
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