प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी

 


जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और ओडिशा में रेल ढ़ांचा परियोजनाओं के शुभारंभ से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद मिलेगी : प्रधानमंत्री

हम भारत में रेलवे के विकास को चार मापदंडों पर आगे बढ़ा रहे हैं। पहला- रेलवे ढ़ांचे का आधुनिकीकरण, दूसरा- रेलवे के यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, तीसरा- रेलवे की देश के कोने-कोने में कनेक्टिविटी और चौथा- रेलवे से रोजगार सृजन और उद्योगों को मदद : प्रधानमंत्री

आज भारत रेल लाइनों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के करीब है, हमने रेलवे की पहुंच का भी निरंतर विस्तार किया है : प्रधानमंत्री


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने नए जम्मू रेलवे डिवीजन का उद्घाटन किया। उन्होंने पूर्वी तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे मंडल भवन की आधारशिला भी रखी और तेलंगाना में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन का उद्घाटन किया।

गुरु गोविंद सिंह की जयंती के अवसर पर सबको अपनी शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि गुरु गोविंद सिंह की शिक्षाएं और जीवन एक सुदृढ़ और समृद्ध राष्ट्र के दृष्टिकोण के लिए प्रेरित करते हैं। आवागमन संपर्क में भारत की तेज प्रगति की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि 2025  के आरंभ में ही भारत ने अपने मेट्रो रेल नेटवर्क को 1000 किलोमीटर से अधिक तक विस्तारित करने के साथ अपनी पहल को गति दे दी है। मोदी ने कहा कि आज का कार्यक्रम इस बात को फिर प्रमाणित करता है कि सारा देश एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है और जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और तेलंगाना में आरंभ की गई रेल परियोजनाएं देश के उत्तर, पूर्व और दक्षिण क्षेत्रों के लिए आधुनिक आवागमन संपर्क की एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने फिर दोहराया कि सबका साथ, सबका विकास का मंत्र विकसित भारत की भविष्यदृष्टि को वास्तविकता में बदल रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए संबंधित राज्यों के लोगों और देश के सभी नागरिकों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में समर्पित माल ढुलाई गलियारे जैसे आधुनिक रेल नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये विशेष गलियारे नियमित पटरियों पर बोझ कम करेंगे और उच्च गति की रेल गाड़ियो का अधिक परिचालन होगा। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मेड इन इंडिया को बढ़ावा देने के साथ रेलवे में भी परिवर्तनकारी सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेट्रो और रेलवे के लिए आधुनिक कोच विकसित किए जा रहे हैं। स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है, स्टेशनों पर सौर पैनल लगाए जा रहे हैं और रेलवे स्टेशनों पर एक स्टेशन, एक उत्पाद की दुकानें खोली जा रही हैं। ये सभी पहल रेलवे क्षेत्र में रोजगार के लाखों नए अवसर उत्पन्न कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में  लाखों युवाओं को रेलवे में स्थायी सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि  नए रेल कोच बनाने वाली फैक्ट्रियों में कच्चे माल की मांग से अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल संबंधित विशेष कौशल को ध्यान में रखते हुए देश का पहला गति-शक्ति विश्वविद्यालय भी स्थापित किया गया है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ ही नए रेल मंडल और मुख्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिसका लाभ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और लेह-लद्दाख जैसे क्षेत्रों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन के साथ ही जम्मू-कश्मीर रेल बुनियादी ढांचे में नई उपलब्धि हासिल कर रहा है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है। मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज- चिनाब ब्रिज का निर्माण पूरा होने से यह शेष भारत से इस क्षेत्र को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और लेह-लद्दाख के लोगों को काफी सुविधा होगी।

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर में आवागमन संपर्क और अधिक बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने नए जम्मू रेलवे डिवीजन का उद्घाटन किया। उन्होंने पूर्वी तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे मंडल की आधारशिला भी रखी और तेलंगाना में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन का उद्घाटन किया।

पठानकोट-जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला- भोगपुर-सिरवाल-पठानकोट, बटाला-पठानकोट और पठानकोट से जोगिंदर नगर सेक्शनों को मिलाकर 742.1 किलोमीटर लंबे जम्मू रेलवे डिवीजन  स्थापित होने से जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों को काफी लाभ होगा, लोगों की काफी पुरानी लंबित आकांक्षाएं पूरी होंगी और भारत के अन्य हिस्सों से रेल संपर्क में सुधार होगा। इससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, बुनियादी ढांचे का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।

तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन को लगभग 413 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे प्रवेश मार्ग के प्रावधान के साथ नए कोचिंग टर्मिनल के तौर पर विकसित किया गया है। पर्यावरण अनुकूल इस टर्मिनल में बेहतर यात्री सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इससे सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचेगुडा में स्थित शहर के मौजूदा कोचिंग टर्मिनलों पर भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने पूर्वी तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे मंडल भवन की आधारशिला भी रखी। इससे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आस-पास के क्षेत्रों में आवागमन संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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