बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने और नागरिकों को सतर्क करने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रयास जारी हैं, जिसके तहत अनूठे और प्रभावशाली तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसी कड़ी में, बॉम्बे हॉस्पिटल के पास ग्रैंड ओमनी गार्डन में कामाक्षी लाइफ स्टाइल इवेंट द्वारा आयोजित काइट फेस्टिवल में इंदौर पुलिस का साइबर जनजागरूकता अभियान भी शामिल हुआ। इस आयोजन में एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया, साइबर वोलिएंटीअर्स की टीम, और अद्भुत कम्युनिटी के सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताने के लिए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए और पंपलेट्स बांटे गए। विशेष आकर्षण 1930 हेल्पलाइन नंबर से सजी पतंगें थीं, जिन्हें लोगों के बीच वितरित किया गया। इन पतंगों के माध्यम से साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का प्रचार-प्रसार किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर अपराध की शिकायत करने के इस आसान माध्यम का उपयोग कर सकें।
इस अवसर पर एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने स्वयं 1930 लिखी पतंग उड़ाई और उपस्थित लोगों से अपील की कि साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक बनें और अन्य लोगों को भी इसके प्रति सतर्क करें। उन्होंने कहा, "जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा साधन है। अपने परिवार और दोस्तों को भी साइबर सुरक्षा के उपाय बताएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।"
काइट फेस्टिवल में इंदौर पुलिस का यह अभिनव प्रयास नागरिकों को जागरूक करने और साइबर अपराधों से बचाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ।


