राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार संजीव श्रीवास्तव प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर के मार्गदर्शन में एवं सचिव श्री विवेक शिवहरे के मुख्य आतिथ्य में विगत दिवस को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दतिया के मीटिंग हॉल में मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमताओं वाले व्यक्तियों को कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विवेक शिवहरे ने कहा कि कानूनी सहायता सेवाओं का मुख्य उद्देश्य सभी के लिए न्याय की पहुंच सुनिश्चित करवाना है। दिव्यांग व्यक्तियों विशेष रूप से मानसिक बीमारी और मानसिक मंदता जैसी अन्य बाधाओं से पीड़ित लोगों को आमतौर पर समाज द्वारा भेदभाव किया जाता है। इसलिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने मानसिक रूप से बीमार और विकलांग लोगों को प्रभावी कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार की है। उन्होंने आगे कहा कि मानसिक रूप से बीमार और अक्षम व्यक्ति सभी मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के हकदार हैं। इन व्यक्तियों के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के पूर्ण और समान आनंद को बढ़ावा देना , सुरक्षा करना और सुनिश्चित करना संस्था के साथ-साथ कानूनी सेवा प्राधिकरण की प्रमुख चिंता होगी। इसके अंतर्गत एक कानूनी सेवा यूनिट का गठन भी किया जा चुका है। जिसमें जिविसेप्रा सचिव, सेवानिवृत न्यायाधीश, पैनल अधिवक्ता एवं पीएलवी को शामिल किया गया हैं। ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक श्री सतीश बसुनिया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएण सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी, मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों को कानूनी सेवाएं योजना 2024 के प्रावधानों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ अरिजीत गौरव एवं डॉक्टर अजब सिंह कुशवाहा तथा सामाजिक न्याय विभाग से के द्वारा भी मानसिंक रोग लक्षण उपचार एवं आत्महत्या रोकथाम विषय पर जानकारी दी।
इस अवसर पर मनोरोग चिकित्सक डॉ अजब सिंह कुशवाहा एवं डॉक्टर अर्जित गौरव सामाजिक न्याय विभाग से अन्य विधिक सेवा ईकाई के समस्त सदस्यगण, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वालेन्टियर्स, अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
