भोपाल नगर निगम अमले ने खुल में रात्रि व्यतीत करने वालों को समझाइश देकर सामुदायिक आश्रय स्थल में पहुंचाया

 भोपाल नगर द्वारा संचालित आश्रय स्थलों पर ठंड से बचाव हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई है




भोपाल नगर निगम द्वारा कड़ाके की ठंड में अन्य शहरों/स्थानों से आए गरीब/असहाय नागरिकों को ठंड से राहत देने हेतु आश्रय स्थलों में व्यापक व्यवस्थाएं की है साथ ही निगम का अमला अपने - अपने जोन क्षेत्रों में सड़कों, फुटपाथों व अन्य खुले स्थानों पर रात्रि व्यतीत करने वाले व्यक्तियों को समझाइश देकर सामुदायिक आश्रय स्थलों (रैन बसेरों) में पहुंचाने का कार्य भी लगातार कर रहे है। निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 15 स्थायी/अस्थायी आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे है जहां नागरिकों की सुविधा के लिए पलंग, बिस्तर, कंबल तथा इलेक्ट्रिक हीटर के साथ ही पेयजल, शौचालय आदि की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। 



निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन द्वारा किसी भी नागरिक को सड़कों, फुटपाथों व अन्य खुले स्थानों पर रात्रि व्यतीत न करने देने और ऐसे नागरिकों को समझाइश देकर समीप के रैन बसेरों में पहुंचाने संबंधी दिए गए निर्देशों के परिपालन में निगम के समस्त जोन में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी निरंतर अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में सड़कों, फुटपाथों एवं अन्य खुले स्थानों पर रात्रि व्यतीत करने वालों की निगरानी कर रहे है और खुले स्थानों पर रात्रिकाल में खुले में बैठे/लेटे व्यक्तियों के पास जाकर उन्हें निगम द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी देकर आश्रय स्थलों पर ही रात्रि व्यतीत करने की समझाइश दी जा रही है और समझाइश के उपरांत निगम के वाहनों से ही आश्रय स्थल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है । 



विगत दिनों से पड़ रही कड़ाके सर्दी के दृष्टिगत निगम अमले ने अपने क्षेत्रों की निगरानी और बढ़ा दी है तथा पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों, फुटपाथों आदि क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त और तेज करते हुए खुले स्थानों पर रात्रि व्यतीत करने वालों को समझाइश दी तथा निगम के वाहनों से ही उन्हें आश्रय स्थलों पर पहुंचाया। निगम अमले ने व्ही.आई.पी रोड, बैरागढ़ रोड, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य प्रमुख मार्गों व अन्य मार्गों से बड़ी संख्या में नागरिकों को समीपस्थ आश्रय स्थलों पर पहुंचाया एवं उन्हें ठंड से बचने की सुविधा बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई।

Post a Comment

Previous Post Next Post