ग्लोबल स्किल पार्क का साउथ कोरिया के प्रतिनिधिमंडल, आई एफ एस अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने किया भ्रमण

 भारत और साउथ कोरिया के बीच तकनीकी और अकादमिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर हुई चर्चा


साउथ कोरिया के प्रतिनिधिमंडलवरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बुधवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण किया। दल ने कौशल विकासउद्योग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम को करीब से देखा और समझा।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और कोरिया इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसीसाउथ कोरिया के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अंतर्गत प्रस्तावित वोकेशनल मेकाट्रॉनिक्स प्रयोगशाला की स्थापना के परिप्रेक्ष्य में साउथ कोरिया गणराज्य का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को  ग्लोबल स्किल पार्क पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल में चो जियोंग यूनलिम चंकीयोकांग सुंग बॉन्गपार्क चुल सुकिम यंग सैंगकिम मिंक यू, किम सुंगयोंग तथा किम मिनसू शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने पार्क में स्थापित हाई-टेक प्रशिक्षण प्रयोगशालाओंआधुनिक मशीनरीइंडस्ट्री-ग्रेड प्रशिक्षण सुविधाओं और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रमों का अवलोकन किया। इस दौरान भारत और साउथ कोरिया के बीच तकनीकी और अकादमिक सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।


इसी क्रम में आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमीभोपाल में आयोजित राज्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय विदेश सेवा (IFS) 2025 बैच के अधिकारियों ने भी ग्लोबल स्किल पार्क का शैक्षणिक एवं 

औद्योगिक भ्रमण किया। अधिकारियों ने कौशल आधारित शिक्षा मॉडलउद्योगों की भागीदारीप्रशिक्षण से रोजगार तक की प्रक्रिया और इंडस्ट्री-रेडी युवाओं के निर्माण की व्यवस्था को समझा और इसकी सराहना की।

इसके साथ ही शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ने की पहल के तहत सत्र 202526 में भोपाल जिले के चयनित विद्यालयों से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 500 से अधिक विद्यार्थियों एवं उनके शिक्षकों ने भी ग्लोबल स्किल पार्क का भ्रमण किया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्लोबल स्किल पार्क के एंथम और प्रेरणादायक वीडियो फिल्मों के प्रदर्शन के साथ की गई।

एक्सपोज़र विज़िट के दौरान विद्यार्थियों ने हाई-टेक लैब्सआधुनिक लाइब्रेरीइंडस्ट्री-ग्रेड प्रशिक्षण सुविधाओं और अत्याधुनिक अधोसंरचना को नज़दीक से देखा। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षाप्रवेश प्रक्रियाओंकौशल प्रशिक्षण और रोजगार व करियर से जुड़ी संभावनाओं की व्यावहारिक जानकारी देना रहाताकि वे अपने भविष्य को लेकर बेहतर और आत्मविश्वासपूर्ण निर्णय ले सकें

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