राज्य निर्वाचन आयोग का नवाचार

महापौर/पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में ऑनलाइन सुनवाई


राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा दाखिल करने के संबंध में वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का नवाचार किया है। अब संबंधित अभ्यर्थियों को सुनवाई के लिये राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल नहीं आना पड़ता। सुनवाई प्रत्येक गुरूवार को होती है। इससे अभ्यर्थियों के समय और धन दोनों की बचत हुई है। पूर्व में ऐसे प्रकरणों की सुनवाई राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय भोपाल में होती थी।

अब तक 411 अभ्यार्थियों की हुई सुनवाई

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव द्वारा फरवरी 2025 से अब तक व्ही.सी. के माध्यम से 411 अभ्यर्थियों की सुनवाई की जा चुकी है। 

भोपालखण्डवाछिंदवाड़ामन्दसौरधारसतनाउमरियाग्वालियरअलीराजपुरराजगढनीमचशाजापुरडिण्डौरीसागर एवं हरदा जिले के अभ्यार्थियों की सुनवाई की जा चुकी हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा 97 अभ्यर्थियो के निर्वाचन व्यय लेखे सुनवाई उपरांत एवं दस्तावेज प्रमाण के आधार पर मान्य किये गये।

राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा 226 अभ्यर्थियो को व्ही०सी० के माध्यम से सुनवाई उपरांत निरर्हित किया गया। अधिकतम पांच साल तक के लिये निरर्हित किये जाने का प्रावधान है।

अभ्यर्थी नियत तारीख प्रत्येक गुरुवार को सायंकाल 4:30 PM से 6:00PM तक जिला मुख्यालय के एन आई सी रूम से जुड़कर राज्य निर्वाचन आयुक्त की व्ही०सी० में सम्मिलित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये आयोग द्वारा जिले के उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

 म.प्र. नगरपालिक निगम एवं मध्यप्रदेश नगर पालिक अधिनियम के तहत निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया जाना और लेखा दाखिल करने में असफलता पर निरर्हित घोषित किये जाने के प्रावधान हैं।

नैर्सिंगक न्याय के आधार पर लेखा दाखिल करने में असफल अभ्यर्थियों को विलम्ब से लेखा दाखिल करने और विहित रीति में लेखा दाखिल नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को पक्ष समर्थन के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाता है।

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