शैक्षणिक अध्ययन के साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रारंभ की गई है प्रोजेक्ट संकल्प
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट संकल्प‘ के माध्यम से आश्रम छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों का भविष्य संवर रहा है। विभाग की इस नई पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक के साथ नैतिक, सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैै।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें हैदराबाद के सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता नंद जी द्वारा निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान नंदा जी ने छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास-आश्रमों में सकारात्मक सोच विकसित करने के सामान्य, परंतु प्रभावी तरीके बताएं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन में रखने, उनमें अच्छी आदतें विकसित करने, अपने कार्य पर पूर्ण फोकस करने, समय का महत्व समझने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने, स्वयं भी खुश रहने एवं अपने सहपाठियों को भी खुश रखने तथा सबके साथ अच्छे मधुर संबंध बनाने के गुर बताएं।
उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। विभागीय मंत्री जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।
आदिम जाति विकास विभाग का यह प्रयास विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस अभिनव पहल से शिक्षा को संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने से छात्रावास भी बच्चों के खुशहाल जीवन की मजबूत नींव बन रहा हैं।

