खंडवा न्यायालय द्वारा जादू-टोने की शंका में कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर नृशंस हत्या करने वाले आरोपी को दी गई फांसी की सजा

 



माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिल चौधरी, खण्डवा की न्यायालय द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी चंपालाल उर्फ नंदू पिता जालम मेहर, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम छनेरा थाना पंधाना जिला खण्डवा को धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता में फासी की सजा से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी सहा० जिला अभियोजन अधिकारी श्री विनोद कुमार पटेल द्वारा की गई एवं विवेचना उप निरीक्षक राम प्रकाश यादव चौकी प्रभारी बोरगांव थाना पंधाना द्वारा की गई। 

फरियादिया शांतिबाई बिलोटिया ने मौखिक रूप से थाना पंधाना में रिपोर्ट लिखायी कि दिनांक 12.12.2024 की रात करीबन 08:00 बजे वह और उसका पति रामनाथ खाना खाकर घर में सो गये थे, पति रात करीबन 02:30 बजे पेशाब करने के लिए उठे और घर के बाहर निकले, तभी घर के बाहर चिल्ला चोट की आवाज आयी तो वह भी घर के बाहर निकली तो देखा कि पति रामनाथ को पड़ोसी चंपालाल उर्फ नंदू धानक बोल रहा था कि तू जादू-टोना करता है और पति रामनाथ को कुल्हाड़ी से मारने लगा। एक दो बार में मेरे पति बरामदे में गिर गए। वह चिल्लायी तो चंपालाल भाग गया, पति को उठाने के लिए उनके पास पहुंची तभी फिर से नंदू धानक कुल्हाड़ी लेकर वापस आया और बोला कि तू साले जादू-टोने करता है और कुल्हाड़ी से पुनः पति को मारने लगा, वह डर के अपने घर के अंदर भागी चिल्लायी कि बचाओ, नंदू धानक ने कुल्हाड़ी से पति की गर्दन काट दी, चिल्ला चोट सुनकर रामदायाल धानक, जेठ नारायण और भी मोहल्ले के लोग घर के आस-पास आ गए थे। पति को मारने के बाद नंदू कुल्हाड़ी लेकर बरामदे में पति की लाश के पास खड़ा रहा और चिल्लाता रहा कि कोई पास में आएगा तो उसे भी कुल्हाड़ी से काट दूंगा।

सूचना पर पुलिस चौकी बोरगांव से उप निरीक्षक रामप्रकाश यादव बल के साथ घटना स्थल पर आये। उप निरी. रामप्रकाश यादव ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी नंदू धानक को पकड़ा और उसकी हाथ की कुल्हाड़ी छुड़ायी।

आरोपी नंदू धानक ने फरियादिया के पति रामनाथ का सिर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी है। फरियादिया शांतिबाई बिलोटिया मृतक की पत्नी ने थाना पंधाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखायी जिस पर थाना पंधाना के अपराध क्रमांक 457/24 अंतर्गत धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता का अपराध आरोपी के विरूद्ध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक रामप्रकाश यादव चौकी प्रभारी बोरगांव ने पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय एवं उप पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह चौहान के निर्देशन एवं थाना प्रभारी पंधाना निरीक्षक दिलीप देवड़ा के मार्गदर्शन में प्रकरण की विवेचना वैज्ञानिक ढंग से कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। उप निरी. रामप्रकाश यादव ने मृतक का सिर एवं धड़ अलग-अलग बरामद किये।

माननीय न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट एवं घटना स्थल पर उप निरी. रामप्रकाश यादव की उपस्थिति को अहम साक्ष्य माना और आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।

      डीएनए रिपोर्ट में अभियुक्त के कपड़े एवं कुल्हाड़ी पर मृतक रामनाथ पर खुन लगे होने की वैज्ञानिकों द्वारा पुष्टि की गई, प्रकरण में में साथि साक्षियों को उपस्थित रखने में पुलिस अधीक्षक खण्डवा मनोज राय के निर्देश पर उपनिरीक्षक रामप्रकाश यादव ने अहम भूमिका निभाई जिससे प्रकरण का 07 माह में निराकरण हुआ। कोर्ट मोहर्रिर आर. सुनील वास्कले ने गवाह आहुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक खंडवा द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण को चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखते हुए सतत मॉनिटरिंग की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा अच्छी विवेचना के लिए विवेचनाधिकारी को नगद इनाम से पुरस्कृत किये जाने की घोषणा की गई है।


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