कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने किसानों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने हेतु ग्रामीण विकास विभाग, मंडी एवं कृषि विभाग को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे समय पर पंजीयन कराकर योजना का लाभ अवश्य लें।
उन्होंने जानकारी दी कि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक किसान अपनी उपज सामान्य प्रक्रिया अनुसार ही विक्रय करेंगे। विक्रय उपज का सत्यापन मंडी के अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा। प्रतिदिन राज्य की मंडियों में विक्रित सोयाबीन के अनुसार एफ.ए.क्यू मानक गुणवत्ता वाली सोयाबीन का मॉडल मूल्य घोषित किया जाएगा। इस वर्ष सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यदि किसानों की सोयाबीन का वास्तविक मूल्य मंडी में समर्थन मूल्य से कम में बिकता है तो मंडी द्वारा सत्यापन के आधार पर मॉडल मूल्य एवं समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में अंतरित की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि यह योजना किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाने के लिए लागू की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के हित में शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार मूल्य और घोषित समर्थन मूल्य के बीच का अंतर भुगतान कर उनकी सुरक्षा करना है। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत कृषकों को उनकी उपज की बिक्री पर वास्तविक विक्रय मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। इस प्रक्रिया से किसानों को घाटे से सुरक्षा प्राप्त होगी तथा उन्हें उत्पादन लागत का वाजिब लाभ मिलेगा।
दुर्गा विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने घाटों पर आवश्यक सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त लाइटिंग, वाहन पार्किंग, बैरिकेटिंग और गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही घाट पर रस्सियों और बैरिकेटिंग की मदद से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।



