नाबार्ड, मध्य प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय में दिनांक 14-29 सितम्बर 2025 के दौरान हिन्दी पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान कार्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों के लिए विविध रुचिकर हिन्दी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं एवं स्टाफ सदस्यों में हिन्दी में कार्यालयीन कार्य करने के लिए जागरूकता प्रसारित की गई। हिन्दी पखवाड़े के दौरान की गई हिन्दी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत करने के लिए दिनांक 10 अक्तूबर 2025 को हिन्दी समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर एक कवि सम्मेलन का आयोजन
भी किया गया जिसमें भोपाल के 04 स्थानीय कवियों ने अपनी जीवंत कविताओं से हिन्दी
समारोह 2025 को अत्यधिक शोभायमान बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप
प्रज्वलन एवं माँ शारदे की वंदना के साथ हुआ। सी. सरस्वती,
मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, मध्य प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय ने चारों साहित्यकारों
यथा रूपाली सक्सेना, मांडवी मुग्धा, सत्य देव सोनी और धर्मेंद्र सोलंकी जी का स्वागत एवं अभिवादन किया।
माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं आदरणीय अध्यक्ष, नाबार्ड शाजी
के. वी. के हिन्दी दिवस संदेश का वाचन सभी सदस्यों के मध्य किया गया। विजेंद्र सिंह, उप महाप्रबंधक ने गृहमंत्री का और सुशील कुमार, उप
महाप्रबंधक ने अध्यक्ष, नाबार्ड के हिन्दी दिवस संदेश का वाचन किया।
सी. सरस्वती, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड ने सभी को हिन्दी
दिवस की शुभकामनायें प्रेषित की तथा नाबार्ड में हिन्दी में किए जा रहे कार्यों के
लिए सभी स्टाफ सदस्यों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि हमारा मैंडेट कृषि और
ग्रामीण विकास से जुड़ है जिसके लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में कार्य करना
हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब हम लोगों की भाषा में उनसे संबन्धित
जानकारियाँ साझा करते हैं तो उनकी ऊर्जा केन्द्रित रूप से अपने कार्य लगती है ऐसा
नहीं करने पर भाषा के समझने में उनका समय व्यतीत हो जाता है। मध्य प्रदेश देश का दिल
कहा जाता है जहां हिन्दी फली-फूली और अनेक विद्वानों और साहित्यकारों ने इस भूमि
को पवित्र बनाया है। अंत में उन्होंने सभी स्टाफ सदस्यों से अपने कार्यालयीन कार्य
हिन्दी में करने का आह्वान किया और हर दिन को हिन्दी दिवस के रूप स्वीकार कर
राजभाषा कार्यान्वयन में योगदान करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया जिसमें चार कवियों को आमंत्रित किया गया :
1. रूपाली सक्सेना
2. मांडवी मुग्धा
3. सत्यदेव सोनी
4. धर्मेंद्र सोलंकी
इन कवियों ने अपनी रचनाएँ
प्रस्तुत की।
हिन्दी पखवाड़े में आयोजित हिन्दी
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
