मोटर दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र और पारदर्शी मुआवज़ा दिलाने के उद्देश्य से न्यायपालिका ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सूर्यकांत ने नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर में “दावेदार प्रतिपूर्ति एवं जमा प्रणाली हेतु डैशबोर्ड” (Dashboard for Claimant Reimbursement & Deposit System for Motor Accident Claims Tribunal - MACT) का शुभारंभ किया।
यह डिजिटल डैशबोर्ड मोटर दुर्घटना पीड़ितों को न्याय की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इसके माध्यम से दावेदारों को मुआवज़े की राशि सीधे और शीघ्र प्राप्त हो सकेगी। साथ ही, यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाएगी और अनावश्यक देरी को कम करेगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि :—
"यह प्रणाली न्याय तक आसान पहुँच सुनिश्चित करेगी और दुर्घटना पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज गति प्रदान करेगी।"
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि इस डैशबोर्ड के उपयोग से देशभर में मोटर दुर्घटना मामलों की निगरानी करना, राशि के जमा और भुगतान की स्थिति देखना, तथा पीड़ितों तक सीधा लाभ पहुँचाना संभव होगा।
भोपाल न्यायालय परिवार ने भी इस नवाचार का स्वागत किया और इसे न्यायिक प्रणाली में तकनीकी हस्तक्षेप का एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।

