महापौर मालती राय ने सी एंड डी प्लांट का औचक निरीक्षण कर कार्यों का लिया जायजा

 महापौर राय ने थुआखेड़ा में स्थित एबीसी सेंटर का भी औचक निरीक्षण कर श्वानों की नसबंदी और उन्हें रखने, भोजन सामग्री आदि लिया जायजा


महापौर मालती राय ने थुआखेड़ा स्थित सी एंड डी प्लांट का औचक निरीक्षण कर सी एंड डी से बनने वाली सामग्री चूरा, गिट्टी, ईंट, पेविंग ब्लाक का जायजा लिया और प्रतिदिन बनने वाली सामग्री की जानकारी प्राप्त की। महापौर राय ने थुआखेड़ा स्थित एबीसी संेटर का भी औचक निरीक्षण कर श्वानों के रखने, उनके खानपान की स्थिति का जायजा लिया तथा नसबंदी आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान महापौर परिषद के सदस्य आर.के.सिंह बघेल एवं डॉ. पी.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



महापौर मालती राय ने शनिवार को थुआखेड़ा स्थित सी एंड डी प्लांट का औचक निरीक्षण किया और सी एंड डी की उपलब्धता, सी एंड डी से बनने वाली सामग्री चूरा, गिट्टी, ईंट, पेविंग ब्लाक का जायजा लिया और उसकी गुणवत्ता देखी। महापौर राय ने सी एंड डी से प्रतिदिन बनने वाली सामग्री की मात्रा तथा उसके विक्रय एवं उपयोग के संबंध में  जानकारी प्राप्त की। महापौर राय को अवगत कराया गया कि वर्षा ऋतु में सी एंड डी प्लांट की क्षमता बहुत ही कम होती है और उसकी सामग्री का उत्पादन भी कम मात्रा में होता है लेकिन वर्षा ऋतु के बावजूद भी थुआखेड़ा स्थित सी एंड डी प्लांट में निरंतर उत्पादन किया जा रहा है और वर्तमान में लगभग 2.50 लाख ईंटे बनाकर स्टॉक में उपलब्ध हैं। थुआखेड़ा स्थित प्लांट वर्षा ऋतु में छह से सात घंटे संचालित किया गया जबकि अन्य दिनों में आठ से दस घंटे संचालित किया जाता है। सी एंड डी से बनने वाली सामग्री ईंट एवं पेविंग ब्लाक को बाजार में विक्रय किया जाता है जो सामान्य बाजार दर से कम कीमत की होती है और पर्यावरण संरक्षित रहती हैं। 


महापौर राय ने थुआखेड़ा स्थित एबीसी संेटर का भी औचक निरीक्षण किया और  श्वानों के रखने, उनके खानपान की स्थिति का जायजा लिया तथा जानकारी प्राप्त की। महापौर राय ने प्रतिदिन श्वानों को लाकर उनका इलाज एवं नसबंदी आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। महापौर राय को अवगत कराया गया कि एबीसी संेटर में 250 श्वानों को रखने की क्षमता है और श्वानों को लाकर उनका उपचार कर नसबंदी आदि की जाती है तथा इसके पश्चात उनकी देखरेख कर काफी दिन के बाद उन्हें उसी स्थल पर छोड़ने की व्यवस्था की जाती है।




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