वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को डेंगू निरोधक माह के उपलक्ष्य में नगर निगम के साथ समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें नगर निगम के समस्त जोन, एएचओ एवं मलेरिया के सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
बैठक में नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण द्वारा चिन्हित क्षेत्र मे सयुक्त अभियान चलाने पर विशेष प्रकाश डाला गया। जल भराव वाले स्थान स्थानों पर आयल बॉल का उपयोग किया जाना है इस अभियान के रूप मे जुलाई माह से शुरू करना है। बारिश के मौसम मे माइक्रो प्लान बनाकर समन्वय से कार्य करना है।
अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान द्वारा बचाव एवं प्रतिबंधत्मक कार्यवाही की जाए। घरों मे मनी प्लांट एवं फूलदानो में लार्वा को पनपने से रोका जा सकते है। प्रति सप्ताह पानी को बदला जाए एवं पानी की टांकियों को ढक्कन लगा कर रखें। कवर्ड कैंपस में फुब्बारे एवं अन्य जलस्त्रोत जहा पानी की निकासी ना हो वहा गंबुसया मछली का संचायान किया जाए । कमल के पोंड मे भी मछली का संचायन कराया जाए।
डिप्टी कमीशनर चंचलेश द्वारा प्रचार प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
कचरा गाड़ी मे जिंगल बजाने एवं चौराहो पर डेंगू के विषय जागरूकता के लिए बोरड आदि लगाये जाए।
जिला मलेरिया अधिकारी समृता नामदेव ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से डेंगू की अध्यतन स्थिति बताई गई। साथ है नवाचार के रूप मे आयल बाल को भी भोपाल जिले मे लागू करने के लिए कार्य योजना बनाई गई। बैठक में मुख्य चिकत्सा स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से डीएचओ डॉ. दीप्ति चौकसे उपस्थित रही।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनीष शर्मा दवरा डेंगू प्रचार प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर शहर के विभिन्न हाई रिस्क क्षेत्र में भ्रमण के लिए रवाना किया गया। डेंगू प्रचार रथ शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन 10 दिन तक भ्रमण करेंगे।

