महाशिवरात्री, होली एवं आगामी त्यौहार के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि जिलेवासी महाशिवरात्री, होली सहित अन्य त्यौहार को शांति एवं सामाजिक सद्भाव के साथ मनाएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, एसडीओपी पीयुष मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जेपी यादव, मंडला एसडीएम सोनल सिडाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम में ध्वनि प्रदूषण पर पर्याप्त नियंत्रण रखें। साथ ही वातावरण को भी सकारात्मक रखें। होलिका दहन मुख्य मार्गों पर अथवा सार्वजनिक चौराहों के बीच में न करें। बिजली एवं टेलीफोन के तार को नुकसान न हो। अंजान व्यक्ति पर जबरन रंग या गुलाल न डालें। आपत्तिजनक नारेबाजी, उद्घोष न करें। विधिवत अनुमति प्राप्त कर ही निर्धारित मार्ग से ही रैली, जुलूश निकालें। आवागमन अवरूद्ध न होने दें। आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था हेतु एम्बूलेंस, पैरामेडीकल टीम तथा फायरब्रिगेड तैनात रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। साम्प्रदायिक सद्भाव कायम रखते हुए सौहाद्रपूर्ण वातावरण में पर्व मनायें। परीक्षा के दृष्टिगत कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का पालन करें। पर्व के दौरान निर्धारित स्थान पर ही भण्डारा आयोजित किया जाए, भंडारा में प्लास्टिक के दौना पत्तल का उपयोग न करें। आयोजित भंडारे के पश्चात समिति स्वयं कचरा साफ कराए। पर्व के दौरान भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर यातायात को नियंत्रित रखा जाए। पार्किंग व्यवस्था रखी जावे। महाशिवरात्रि पर्व में घाटों में साफ-सफाई, पानी एवं प्रकाश व्यवस्था रखी जाए। घाटों में गोताखोर, मोटरबोट आदि की व्यवस्था रखी जावे। ईद-उल-फितर-मस्जिद-कब्रिस्तान के आस-पास पूर्णतः साफ-सफाई, पानी एवं प्रकाश व्यवस्था रखी जावे। होली पर्व में मिट्टी से बनी प्रतिमा एवं जैविक रंगों का ही उपयोग किया जाए। पी.ओ.पी. की मूर्ति, केमिकल व रासायनिक रंगों का उपयोग न किया जाए। होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर हो, (मुख्य मार्ग/चौराहों पर) आवागमन बाधित न हो। बिजली के तार के नीचे होलिका दहन न हो। पर्व के दौरान अन्य सम्प्रदाय या धर्म स्थलों के समक्ष अनावश्यक नारेबाजी/उद्घोष न किया जाए। पर्व के दौरान रात्रि में पुलिस गस्त किया जाए। चिकित्सीय दल उपलब्ध रहना/कंट्रोल रूम में फायर बिग्रेड रखा जाए। पर्व के दौरान आयोजित कार्यक्रम में सावधानियां एवं सुरक्षा व्यवस्था हो।
