“राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह” के तहत हो रहे हैं जागरूकता के अनेक कार्यक्रम

 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना कार्यान्वयन इकाई के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कॉलेज और स्कूल में पहुँचकर विद्यार्थियों को किया जागरूक




सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा हर साल की तरह इस जनवरी माह को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणपरियोजना कार्यान्वयन इकाई इन्दौर द्वारा सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में छात्रों को जागरूक बनाये जाने हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणपरियोजना कार्यान्वयन इकाईइन्दौर द्वारा एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एण्ड रिसर्च एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिचौली मर्दाना में जन-जागरूकता के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।


      भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक सुमेश बॉंझल ने बताया कि इस वर्ष की थीम, “एक सड़क सुरक्षा नायक बनें” है। यह एक सुरक्षित सड़क वातावरण को बढ़ावा देने में सामूहिक कार्रवाई के महत्व को रेखांकित करती है। यह प्रत्येक व्यक्ति को दुर्घटनाओं को कम करने और सभी के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करता है। सड़क सुरक्षा माह के तहत आज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना कार्यान्वयन इकाई इन्दौर द्वारा एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एण्ड रिसर्च  कॉलेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक सुमेश बॉंझलएक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट के चेयरमेन ए.के.सोजतिया एवं डायरेक्टर एस.सी. शर्माशरद नाईकडॉ. जयंत अवस्थी एवं अन्य प्रोफेसर500 से अधिक छात्र-छात्राएं एवं बस चालक इत्यादि उपस्थित हुए। कार्यशाला में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक सुमेश बॉंझल द्वारा इंस्टिट्यूट के छात्रोंबस चालकों एवं अन्य को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के बारे में एवं दुर्घटनाओ को रोकने हेतु पहले आप” का गूढ़ मन्त्र दिया गया। उन्होंने कहा कि यह मंत्र अपनाकर सड़क पर हो रही दुर्घटनाओ को रोका जा सकता है। साथ ही कार्यशाला में उपस्थित रोड़ सेफ्टी कंसलटेंट सचिन खैरनारविवेक नायडूलखन गायकवाड द्वारा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के सभी नियमों के बारे में बताया गया। उन्होंने गति सीमा का ध्यान रखनेयातायात संकेतों और सड़क संकेतों का पालन करने एवं एक्सीडेंट के उपरांत घायल की तुरंत सहायता हेतु प्राथमिक उपचार की जानकारी एवं सीपीआर की जानकारी भी दी।


      छात्रों की सुरक्षा की दृष्टी से एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट द्वारा छात्रो को मेंडेटरी बस द्वारा पिक- एण्‍ड ड्राप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है एवं इंस्टीट्यूट में किसी भी छात्र-छात्राओं को निजी दोपहिया/चार पहिया वाहन से आने की अनुमति नहीं है। छात्रों की सुरक्षा की दृष्टी से इंस्टीट्यूट द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है।


      इसी क्रम में सड़क सुरक्षा के महत्त्व को समझाने हेतु शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिचोली मर्दाना में भी छात्रों को जागरूक बनाये जाने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पैदल चलते समयवाहन चलाते समय या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते समय खुद को सुरक्षित रखने में मदद करने तथा सड़कों को सुरक्षित तरीके से पार करने और ट्रैफ़िक के दौरान कैसे व्यवहार करना हैयह जानकारी प्रदान की गई।

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