राजगढ़ केंद्रीय विद्यालय में बाल विवाह के दुष्‍परिणामों और जलवायु परिवर्तन पर कार्यशालाएं आयोजित


केंद्रीय विद्यालय में छात्रों को सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दो विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। पहली कार्यशाला में कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के साथ बाल-सगाई और बाल-विवाह के दुष्‍परिणामों पर चर्चा की गईजबकि दूसरी कार्यशाला में कक्षा 7वीं और 8वीं के छात्रों के साथ जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दे पर संवाद किया गया।

बाल विवाह पर चर्चा

प्रथम कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को बाल विवाह की कुप्रथा के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और इसके उन्मूलन के उपायों पर चर्चा करना था। छात्रों ने बाल विवाह के प्रति अपनी गंभीरता दिखाते हुए एक-शब्दीय उत्तरों के माध्यम से अपने विचार साझा किए। चर्चा में बाल विवाह से होने वाले शारीरिकमानसिक और सामाजिक नुकसान को रेखांकित किया गया। छात्रों ने इस प्रथा को समाप्त करने के लिए शिक्षा के प्रसारजन जागरूकता अभियानों और कानून के सख्त क्रियान्वयन जैसे प्रभावी सुझाव भी दिए। उनकी सक्रिय सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि वे सामाजिक बदलाव के प्रति जागरूक और प्रतिबद्ध हैं।

जलवायु परिवर्तन पर सत्र

दूसरी कार्यशाला में कक्षा 7वीं और 8वीं के छात्रों ने जलवायु परिवर्तन के कारणोंप्रभावों और समाधान पर गहन चर्चा की। छात्रों ने ग्लोबल वार्मिंगवनों की कटाईऔर प्रदूषण जैसी पर्यावरणीय समस्याओं को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने समाधान के लिए वृक्षारोपणप्लास्टिक का कम उपयोगनवीकरणीय ऊर्जा का अधिक इस्तेमाल और जागरूकता फैलाने जैसे ठोस उपाय सुझाएं। चर्चा में यह भी बताया गया कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल पर्यावरण बल्कि मानव जीवन पर भी गंभीरता से पड़ता है।

सकारात्मक परिणाम

उक्‍त दोनों कार्यशालाओं ने छात्रों को सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं की गहराई से समझने और उनके समाधान के प्रति प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपने स्तर पर इन समस्याओं को कम करने के लिए योगदान देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

कार्यक्रम का आयोजन अहिंसा वेलफेयर सोसायटी और केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन के संयुक्त प्रयास से किया गया। इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जागरूक नागरिक बनाने और सामाजिक बदलाव के प्रति प्रेरित करना था। "डिस्कशन ऑन लोकल चैलेंजेस एंड सॉल्यूशंस" विषय के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों में नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया।इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों में जागरूकता बढ़ती है बल्कि समाज को सुधारने और मजबूत बनाने के लिए एक नई पीढ़ी तैयार होती है। उक्त कार्यक्रम में केंद्रीय विधालय प्रबंधनअहिंसा वेलफेयर सोसायटी टीम सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रही।

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